वो आज खूने-दिल से मेंहदी लगाये बैठे हैं,
सारे किस्से मेरे दिल से लगाये बैठे हैं,
ख़ामोशी में भी एक शोर है उनकी,
सुर्ख जोड़े में खुद को बेवा बनाये बैठे हैं।
Ai Maut Unhein Bhulaye Huye Zamane Gujar Gaye,
Aa Ja Ke Zeher Khaye Huye Zamane Gujar Gaye,
ऐ मौत उन्हें भुलाए ज़माने गुजर गए,
आ जा कि ज़हर खाए ज़माने गुजर गए,
Apni Khushiyaan Lutakar Uspar Kurbaan Ho Jaun,
Kaash Kuchh Din Uske Shahar Ka Mehmaan Ho Jaun,
अपनी खुशियाँ लुटाकर उसपर कुर्बान हो जाऊ,
काश कुछ दिन उसके शहर का मेहमान हो जाऊ,