Maine Kab Tujhse Zamane Ki Khushi Maangi Hai,
Ek Halki Si Mere Lab Pe Hansi Maangi Hai,
मैने कब तुझसे ज़माने की खुशी माँगी है,
एक हल्की सी मेरे लब ने हँसी माँगी है,
दोस्तों हमें भी कभी भी दूसरे के काम को छोटा नहीं समझना चाहिये, बेशक आपका काम बड़ा है लेकीन किसी दूसरे के काम को छोटा समझना उचित नहीं होता है हम दूसरों को केवल बाहरी तरफ से जानते हैं और उस काम को करने में होनी परेशानियों के बारे में हमें जानकारी नहीं होती है इसलिए किसी दूसरे के काम को कभी छोटा नहीं समझना चाहिये।