गीत व्यक्ति के मर्म का आह्वान करने में मदद करता है और बिना गीत के, मर्म को छूना मुश्किल है
किसी भी देश को आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक साझेदारी का हिस्सा होने का ढोंग बिल्कुल नहीं करना चाहिये, जबकि वो देश आतंकवाद को बढ़ाने में, उकसाने में और प्रायोजित करने में लगा हो।
Ek Muskaan Tu Muhje Ek Baar De De, Khwab Mein Hi Sahi Ek Deedar De De, एक मुस्कान तू मुझे एक बार दे दे, ख्वाब में ही सही एक दीदार दे दे,
Chahat Hui Kisi Se Toh Fir Be-Inteha Hui...
jo udate hain aham ke aasamaanon mein jameen par aane mein vaqt nahin lagata, जो उड़ते हैं अहम के आसमानों में जमीं पर आने में वक़्त नहीं लगता,