jab jab mein leta hoon saans too yaad aatee hai,
meree har ek saans me teree khushboo bas jaatee hai,
जब जब में लेता हूँ साँस तू याद आती है,
मेरी हर एक साँस मे तेरी खुश्बू बस जाती है,
मूर्ख व्यक्ति भी विद्वानोंके साथ मे रहकर विद्वान बन जाता है और विद्वान व्यक्ति भी मूर्खों के साथ रहता है तो उसमे मूर्खता आ जाती है, इसलिए हमे किसी की भी संगति सोच समझकर करनी चाहिए।
बच्चों के आकर्षित करने के लिए उसके पास रंग बिरंगे हर रंग के गुब्बारे होते थे, उसे जब भी यह महसूस होता कि अब उसके गुब्बारे बिकने कम हो गए है तो वह एक गुब्बारा लेता और उसे हवा मे उड़ा देता था।