पितृपक्ष विशेष : पितृपक्ष में कौवे को देख जाने कैसे मिलते हैं धन और भाग्य के संकेत

पितृपक्ष विशेष : पितृपक्ष में कौवे को देख जाने कैसे मिलते हैं धन और भाग्य के संकेत

पितृपक्ष विशेष : पितृपक्ष में कौवे को देख जाने कैसे मिलते हैं धन और भाग्य के संकेत-

दोस्तों इस समय पितृपक्ष का समय चल रहा है है और पितृपक्ष को हिन्दू धर्म में विशेष महत्व दिया जाता है। हमारे हिन्दू धर्म के अनुसार पितृपक्ष के 15 दिनों में पूर्वजों की श्राद्ध करने का अनुष्ठान किया जाता है, पूर्वजों की श्राद्ध करने का उद्देश्य पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए
 किया जाता है। हर वर्ष भाद्रपद की पूर्णिमा से लेकर आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तक पितरों के श्राद्ध के लिए सर्वोत्तम माना जाता है, पितृपक्ष का समय 15 दिनों का होता है।


 
पितृपक्ष में कौवे का  विशेष महत्व होता है, आपने यह बात तो अवश्य सुनी होगी कि जब कौवा घर के पास बैठकर कांव-कांव करता हाई तो इसका अर्थ होता है कि आपके घर में कोई रिश्तेदार आने वाला है। वैसे तो कौवे को लेकर कई मान्यतायें हैं कुछ मान्यतायें पितृपक्ष में कौवे को लेकर मानी जाती है, आज हम आपको पितृपक्ष में कौवे देखने के बारे में बताने जा रहे हैं तो बने रहिए हमारे साथ बिना किसी देरी के शुरू करते हैं। 

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ऐसे कर सकते हैं पहचान-
पितृपक्ष के दौरान कौवे का विशेष महत्व होता है, विष्णु पुराण के अनुसार कौवे को श्राद्ध के दौरान भोजन कराना शुभ फल मिलने का संकेत होता है। पितृपक्ष में कौवे को पितरों का रूप मानकर भोजन कराया जाता है, इसके साथ-साथ कौवे और पीपल के पेड़ को भी पितरों का प्रतीक माना जाता है, ऐसी बहुत सी मान्यतायें हैं जिनके द्वारा हम यह जान सकते हैं कि पितृपक्ष के दौरान कौवा देखना किस प्रकार का संकेत देता है। 

 

पितृपक्ष में श्राद्ध के दौरान यदि कौवा आपको घर की छत पर बैठा हुआ दिखाई देता है और कौवे की चोंच में फूल-पत्ती आदि हो तो इससे मनोकामना की पूर्ति होती है। पितृपक्ष में यदि आपको कौवा गाय की पीठ पर बैठकर अपनी चोंच को रगड़ता हुआ दिखाई देता है तो उसको उत्तम भोजन की प्राप्ति होती है, यदि कौवा आपको अपनी चोंच में सूखा तिनका लिए हुए दिखाई देता है तो इससे धन लाभ की प्राप्ति होने का संकेत प्राप्त होता है।

 

आपको कौवा यदि अनाज के ढेर पर बैठा हुआ दिखाई देता है तो इसका अर्थ आपको धान्य लाभ मिलने का होता है, यदि आपको कौवा गाय के सिर पर बैठा हुआ दिखाई देता है तो इससे आपको अपने प्रियजनों से मुलाकात हो सकती है। पितृपक्ष के दौरान यदि आपको कौवा ऊंट की पीठ पर बैठा हुआ दिखाई देता है तो इसका मतलब यह है कि आपकी यात्रा सफलता पूर्वक होने वाली है और यदि आपको कौवा सूअर की पीठ पर बैठा हुआ दिखाई देता है तो इससे गुम हुए धन की प्राप्ति होने का संकेत प्राप्त होता है। 

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पितृपक्ष के दौरान यदि आपको कौवा दाई ओर से उड़कर बाईं ओर आता है और भोग को ग्रहण करता है तो आपको अपनी यात्रा में सफलता मिलने वाली है। कौवा यदि सामने से आकर भोजन ग्रहण करता है और अपने पैरों से सिर को खुजलाता है तो इससे आपको कार्य में सफलता मिलने वाली है। कौवा भोजन ग्रहण करने के बाद यदि कुएं की पाल पर जा बैठे, नदी तट पर जाकर बैठे या जलपूर्ण घट पर बैठ जाता है तो इससे आपको खोई हुई वस्तु मिलती है, और कोर्ट में चल रहे मुकदमे में जीत मिलती है और आपके धन-धान्य में भी बढ़ोत्तरी होने का संकेत प्राप्त होता है।