मेरे दर्द ने मेरे ज़ख्मों से शिकायत की है,
आँसुओं ने मेरे सब्र से बगावत की है,
ग़म मिला है तेरी चाहत के समंदर में,
हाँ मेरा जुर्म है कि मैंने मोहब्बत की है।
jab jab mein leta hoon saans too yaad aatee hai,
meree har ek saans me teree khushboo bas jaatee hai,
जब जब में लेता हूँ साँस तू याद आती है,
मेरी हर एक साँस मे तेरी खुश्बू बस जाती है,
रहीम दास अकबर के नौ रत्नों में से एक थे। रहीम दास बैरम खान और सलीमा सुल्ताना के पुत्र थे।रहीम के पिता बैरम खान मुगल शासक अकबर के 13 वर्ष तक संरक्षक थे।
दोस्तों एक समय की बात है एक मकड़ी अपना जाला बनाने के लिए एक जगह की तलाश में थी, बहुत मेहनत करने के बाद उसको कमरे का एक कोना पसंद आया और अपने जाले को उस कोने में बनाना शुरू कर दिया।