तेज बारिश में कभी सर्द हवाओं में रहा,
एक तेरा ज़िक्र था जो मेरी सदाओं में रहा,
कितने लोगों से मेरे गहरे रिश्ते थे मगर,
तेरा चेहरा ही सिर्फ मेरी दुआओं में रहा।
हर धर्म में प्रेम, करुणा, और भलाई का पोषक कोर है। बाहरी खोल में अंतर है, लेकिन भीतरी सार को महत्त्व दीजिये और कोई विवाद नहीं होगा। किसी चीज को दोष मत दीजिये, हर धर्म के सार को महत्त्व दीजिये और तब वास्तविक शांति और सद्भाव आएगा।
संदीप माहेश्वरी अपनी सफलता का श्रेय अपनी असफलता को देते हैं जो उन्हे इस मुकाम में पहुँचने में मदद की, संदीप सर युवाओ को मोटिवेट करने का भी काम करते हैं और कई सारे सेमिनारों के माध्यम से युवाओ को मोटवैशन देते रहते हैं लेकीन इन सेमिनारों को सबसे अच्छी बात यह होती है कि ये सेमीनार बिल्कुल मुफ़्त होते हैं और इन सेमिनारों के विडिओ यूट्यूब पर भी अपलोड किये जाते हैं जिनसे जो लोग सेमिनारों में पहुँच सकते हैं वो भी इन सेमिनारों का फायदा प्राप्त कर सके।
Chahat Ki Raah Mein Bikhre Aarmaan Bahut Hain,
Hum Uski Yaad Mein Pareshan Bahut Hain,
चाहत की राह में बिखरे अरमान बहुत हैं,
हम उसकी याद में परेशां बहुत हैं,