कब वो ज़ाहिर होगा और हैरान कर देगा मुझे,
जितनी भी मुश्किल में हूँ आसान कर देगा मुझे,
रूबरू करके कभी अपने महकते सुर्ख होंठ,
एक दो पल के लिए गुलदान कर देगा मुझे।
Tum Yahan Dharti Par Lakeeren Kheenchte Ho,
Ham Vahaan Apne Liye Naye Aasman Dhoondhte Hain,
तुम यहाँ धरती पर लकीरें खींचते हो,
हम वहाँ अपने लिये नये आसमान ढूंढते हैं,