अभी आँखों की शमाएं जल रही हैं प्यार जिंदा है,
अभी मायूस मत होना अभी बीमार ज़िंदा है,
हजारों जख्म खाकर भी मैं दुश्मन के मुक़ाबिल हूँ,
खुदा का शुक्र अब तक दिल-ए-खुद्दार जिंदा है।
दोस्तों हमें भी कभी भी दूसरे के काम को छोटा नहीं समझना चाहिये, बेशक आपका काम बड़ा है लेकीन किसी दूसरे के काम को छोटा समझना उचित नहीं होता है हम दूसरों को केवल बाहरी तरफ से जानते हैं और उस काम को करने में होनी परेशानियों के बारे में हमें जानकारी नहीं होती है इसलिए किसी दूसरे के काम को कभी छोटा नहीं समझना चाहिये।
Khuda Ki Rehmat Mein Arziyan Nahi Chalti,
Dilon Ke Khel Mein Khud-Garziyan Nahi Chalti,
खुदा की रहमत में अर्जियाँ नहीं चलतीं,
दिलों के खेल में खुद-गर्जियाँ नहीं चलतीं।